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Festival of Hariyali Teej celebrated with great pomp in JCD Vidyapeeth
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  • August 11, 2021
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Festival of Hariyali Teej celebrated with great pomp in JCD Vidyapeeth

जेसीडी विद्यापीठ में धूमधाम से मनाया गया हरियाली तीज का त्योहार

डेन्टल की छात्रा पारूल मिस तीज क्वीन व अमनदीप कौर बनी मिसेज तीज क्वीन, सभी ने झूलों द्वारा हर्षोल्लास से मनाया तीज पर्व

सिरसा 11 अगस्त, 2021 : जेसीडी विद्यापीठ प्रांगण में हरियाली तीज के पावन अवसर पर ‘तीज क्वीन प्रतियोगिता-2021Ó का आयोजन किया गया, जिसमे इनरव्हील क्लब सिरसा की सचिव श्रीमती वीणा मेहता ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ. शमीम शर्मा द्वारा की गई। वहीं इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपेक्स अस्पताल की डॉ. मनीषा मेहता उपस्थित हुई। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जयप्रकाश सहित डेन्टल कॉलेज के निदेशक डॉ. राजेश्वर चावला व सभी कॉलेजों के प्राचार्य डॉ. अरिन्दम सरकार, डॉ कुलदीप सिंह, डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता, डॉ. अनुपमा सेतिया, डॉ. शिखा गोयल व विद्यापीठ के रजिस्ट्रार सुधांशु गुप्ता के अलावा अन्य अधिकारीगण प्राध्यापकगण व समस्त छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। इस पावन अवसर पर सभी ने झूला झूलकर त्योहार का आनंद लिया तथा खूब पींगे डाली तथा नाच-गाकर तीज के पावन त्योहार को मनाया गया। हरियाली तीज पर्व के अवसर पर विद्यापीठ में महिलाओं के लिए झूले, गिद्दा, रैंप वॉक, विभिन्न प्रकार के व्यंजन आदि की व्यवस्था की गई थी। विभिन्न प्रतियोगिताओं के अलावा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों भी दी गईं। हर तरफ उत्साह और उल्लास का नजारा देखने को मिल रहा था। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में सज-धजकर खूब कार्यक्रम का खूब आनंद लिया। सावन के गीत-गज़लों के माध्यम से तथा विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम की धूम रही।

सर्वप्रथम इस कार्यक्रम के संयोजक व प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने मुख्यातिथि सहित पधारे सभी अतिथिगणों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि विद्यापीठ में समय-समय पर ऐसे आयोजनों के माध्यम से पौराणिक संस्कृति को जीवंत रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति के त्यौहारों व पर्वों को जीवंत रखने के लिए ऐसे आयोजन काफी सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. शमीम शर्मा ने हरियाली तीज पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि झूला हमारी जिंदगी के उतार-चढ़ावों का प्रतीक है इसीलिए हमें इसमें संतुलन बनाना आवश्यक है उसी प्रकार जीवन में आने-वाले उतार-चढ़ाव में संतुलन बनाकर इसे खुशी-खुशी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए बिताना चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि हमारा उद्देश्य हमारे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति में निहित तीज-त्यौहारों से अवगत करवाते हुए उनका महत्व बताना भी है, इसलिए समय-समय पर संस्थान में प्रत्येक तीज-त्यौहार को खुले दिन से उत्सव की भांति मनाया जाता है ताकि हमारे विद्यार्थी हमारी संस्कृति में निहित संस्कारों को भी स्मरण रख सकें। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने ऐसी व्यवस्था कायम की है कि हमें मूड के वापिस अपनी संस्कृति एवं त्यौहारों की ओर आना होगा क्योंकि यही हमारे जीवन के सार हैं।

बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में श्रीमती वीणा मैहता ने कहा कि हमारी आने वाली पीढिय़ां तीज-त्यौहारों को भूलती जा रही है जिसके कारण हमें पिछड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में कभी हार नही माननी चाहिए तथा जीवन को मस्ती से जीना चाहिए ताकि हमारी हस्ती और मस्ती दोनों जीवंत रह सकें। श्रीमती मैहता ने कहा कि हमें सुबह-सुबह तीन बातों से अपने दिन का प्रारंभ करना चाहिए तथा सोचना चाहिए कि मैं सकारात्मक हूं, मैं शक्तिशाली हूं तथा मैं शांतिप्रिय हूं। उन्होंने कहा कि जीत-हार सिक्के के दो पहलू हैं तथा जो ऊपर आएगा वहीं नजर आएगा, इसके लिए इसकी परवाह नहीं करनी चाहिए। हमें प्रयास करने चाहिए कि हमारे साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ी भी प्रत्येक त्यौहारों को मनाएं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. मनीषा मेहता ने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ उन्हें अपने परिवार की भांति लगता है तथा यहां के आयोजनों से प्रेम, भाईचारा, सहयोग व सद्भावना इत्यादि नैतिक मूल्य उत्पन्न किए जाते हैं। हरियाली तीज का नियम है कि क्रोध को मन में न आने दें। मेंहदी का औषधीय गुण इसमें महिलाओं की मदद करता है। इस व्रत में सास और बड़े नई दुल्हन को वस्त्र, हरी चूडिय़ां, श्रृंगार सामग्री एवं मिठाइयां भेंट करती हैं, जिनका उद्देश्य होता है दुल्हन का श्रृंगार और सुहाग हमेशा बना रहे और वंश की वृद्धिं हो। उन्होंने कहा कि हमें हरियाली को कायम रखने के लिए प्लास्टिक का प्रयोग बंद करना चाहिए ताकि चहुंओर हरियाली हो सके। डॉ. मेहता ने कहा कि हरियाली के लिए हमें पौधा भेंट करने की परम्परा को कायम करना चाहिए।

इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आधार पर निर्णायक मण्डल की भूमिका अदा करते हुए श्रीमती अंजू डूमरा, डिम्पल तनेजा तथा शैलजा तनेजा ने मिस. तीज क्वीन प्रतियोगिता में पारूल को प्रथम तथा सृष्टि को द्वितीय तथा सांत्वना पुरस्कार के लिए संजोली को चुना गया। वहीं मिसेज तीज क्वीन प्रतियोगिता में श्रीमती अमनदीप कौर को प्रथम, डॉ. अमनदीप कौर को द्वितीय तथा डॉ. निष्ठा को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर सभी कॉलेजों के अधिकारीगण, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों के अलावा अनेक अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।