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Haryali Teej Celebration – 2023
  • By JCDV
  • August 19, 2023
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Haryali Teej Celebration – 2023

जेसीडी विद्यापीठ में धूमधाम से मनाया गया हरियाली तीज का त्योहार
संस्कृति को जीवंत रखने के लिए तीज-त्यौहार मनाना अतिआवश्यक : प्रोफेसर ढींडसा

सिरसा 18 अगस्त, 2023 : जेसीडी विद्यापीठ प्रांगण में जेसीडी विद्यापीठ प्रांगण में हरियाली तीज के पावन त्यौहार को झूला डालकर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर डॉ कुलदीप सिंह ढींडसा मुख्य अतिथि थे । इस अवसर पर उनके साथ कुलसचिव डा सुधांशु गुप्ता, प्राचार्य डॉ. जय प्रकाश, डॉ. अरिन्दम सरकार, डॉ. अनुपमा सेतिया , डॉ. शिखा गोयल व डॉ. हरलीन कौर के अलावा , जेवीडी विद्यापीठ के सभी अधिकारी गण , कर्मचारीगण , विद्यार्थीगण एवं समस्त , सफाई कर्मचारी, माली मौजूद रहे। इस अवसर पर सभी ने झूला झूलकर इस त्यौहार का आनंद लिया तथा खूब पींगे डाली तथा नाच-गाकर तीज के पावन त्यौहार को मनाया गया।

सर्वप्रथम इस कार्यक्रम के संयोजक व प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने मुख्यातिथि सहित पधारे सभी अतिथिगणों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि विद्यापीठ में समय-समय पर ऐसे आयोजनों के माध्यम से पौराणिक संस्कृति को जीवंत रखे हुए हैं।

इस मौके पर अपने संबोधन में डॉ. कुलदीप सिंह ढींडसा ने सर्वप्रथम सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि जब प्रकृति अपने पूरे शबाब में होती है तथा बरसात का मौसम अपने चरम पर होता है तथा प्रकृति में सभी ओर हरियाली होती है तो इस त्यौहार की खूबसूरती को दुगुना कर देती है। उन्होंने कहा कि झूला हमारी जिंदगी के उतार-चढ़ावों का प्रतीक है इसीलिए हमें इसमें संतुलन बनाना आवश्यक है उसी प्रकार जीवन में आने-वाले उतार-चढ़ाव में संतुलन बनाकर इसे खुशी-खुशी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए बिताना चाहिए।

डॉ. ढींडसा ने कहा कि हमारा उद्देश्य हमारे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति में निहित तीज-त्यौहारों से अवगत करवाते हुए उनका महत्व बताना भी है, इसलिए समय-समय पर संस्थान में प्रत्येक त्यौहार को उत्सव की भांति मनाया जाता है । डॉक्टर ढींडसा ने कहा कि यूं तो भारत को त्यौहारों का देश कहा जाता है तथा इसमें प्रत्येक मौसम अपने साथ अनेक त्यौहारों को भी लेकर आता है, उसी प्रकार सावन के महीने में खास है हरियाली तीज, जैसा कि इस त्यौहार का नाम है वैसा ही जाहिर है कि इस मौसम में हरियाली की शुरूआत होती है। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार तीज सभी पर्वों के शुरूआत की प्रतीक मानी जाती है, जैसे: आ गई तीज बिखेर गई बीज, आ गई होली भर गई झोली कहावत के आधार पर तीज पर्व के पश्चात त्यौहारों का शीघ्र आगमन होता है तथा यह सिलसिला होली तक चलता है। उन्होंने कहा कि हमारी आज की युवा पीढ़ी हमारे तीज-त्यौहारों तथा संस्कृति को इन्हें न मनाने के कारण ही भूलते जा रहे हैं इसीलिए इन्हें मनाया जाना अतिआवश्यक बन पड़ता है। वहीं उन्होंने इस अवसर पर सभी सफाई कर्मचारियों एवं मालियों को हरियाली के सच्चे योद्धा बताते हुए उनकी पीठ थपथपाई।के

इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के विद्यार्थियों द्वारा डांस एवं जेसीडी रंगशाला द्वारा नारी सशक्तिकरण पर आर्थिक लघु नाटिका प्रस्तुत दी गई। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आधार पर निर्णायक मण्डल द्वारा मेहंदी कंपटीशन में बीडीएस प्रथम वर्ष की छात्रा प्रीति को प्रथम तथा काजल को द्वितीय तथा जेसीडी आईबीएम की छात्रा भूमि को तृतीय पुरस्कार के लिए चुना गया। मुख्य अतिथि द्वारा विजेता विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट के साथ मेडल दिए किए गए । इस मौके पर सभी कॉलेजों के अधिकारीगण, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों के अलावा अनेक अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

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