Haryali Teej Celebration jcdv

Haryali Teej Festival Celebrating Safely During Corona Period at JCD Vidyapeeth

जेसीडी विद्यापीठ में कोरोना काल में सुरक्षित तरीके से मनाया गया हरियाली तीज का त्यौहार
संस्कृति को जीवंत रखने के लिए तीज-त्यौहार मनाना अतिआवश्यक – डॉ. शमीम शर्मा  

सिरसा 23 जुलाई, 2020 : जेसीडी विद्यापीठ प्रांगण में वीरवार को हरियाली तीज के पावन त्यौहार को कोरोना काल में सामाजिक दूरी व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झूला डालकर साधारण तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ. शमीम शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उनके साथ डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. अरिन्दम सरकार, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. दिनेश गुप्ता व डॉ. अनुपमा सेतिया के अलावा समस्त माली व कैम्पस में रहने वाले स्टाफ मौजूद रहे। इस अवसर पर सभी ने झूला झूलकर इस त्यौहार का आनंद लिया तथा खूब पींगे डाली तथा नाच-गाकर तीज के पावन त्यौहार को मनाया गया।

इस मौके पर अपने संबोधन में डॉ. शमीम शर्मा ने सर्वप्रथम सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि जब प्रकृति अपने पूरे शबाब में होती है तथा बरसात का मौसम अपने चरम पर होता है तथा प्रकृति में सभी ओर हरियाली होती है तो इस त्यौहार की खूबसूरती को दुगुना कर देती है। उन्होंने कहा कि झूला हमारी जिंदगी के उतार-चढ़ावों का प्रतीक है इसीलिए हमें इसमें संतुलन बनाना आवश्यक है उसी प्रकार जीवन में आने-वाले उतार-चढ़ाव में संतुलन बनाकर इसे खुशी-खुशी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए बिताना चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि हमारा उद्देश्य हमारे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति में निहित तीज-त्यौहारों से अवगत करवाते हुए उनका महत्व बताना भी है, इसलिए समय-समय पर संस्थान में प्रत्येक त्यौहार को उत्सव की भांति मनाया जाता है परंतु कोरोना काल के कारण हम इन त्यौहारों को फीका नहीं होने देंगे तथा सरकार की हिदायतों को मध्यनजर रखते हुए हमारी संस्कृति में निहित संस्कारों का बेहतर आचरण करेंगे तथा विद्यार्थियों को भी इसकी शिक्षा प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि यूं तो भारत को त्यौहारों का देश कहा जाता है तथा इसमें प्रत्येक मौसम अपने साथ अनेक त्यौहारों को भी लेकर आता है, उसी प्रकार सावन के महीने में खास है हरियाली तीज, जैसा कि इस त्यौहार का नाम है वैसा ही जाहिर है कि इस मौसम में हरियाली की शुरूआत होती है। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार तीज सभी पर्वों के शुरूआत की प्रतीक मानी जाती है, जैसे: आ गई तीज बिखेर गई बीज, आ गई होली भर गई झोली कहावत के आधार पर तीज पर्व के पश्चात त्यौहारों का शीघ्र आगमन होता है तथा यह सिलसिला होली तक चलता है। उन्होंने कहा कि हमारी आज की युवा पीढ़ी हमारे तीज-त्यौहारों तथा संस्कृति को इन्हें न मनाने के कारण ही भूलते जा रहे हैं इसीलिए इन्हें मनाया जाना अतिआवश्यक बन पड़ता है। वहीं उन्होंने इस अवसर पर सभी सफाई कर्मचारियों एवं मालियों को हरियाली के सच्चे योद्धा बताते हुए उनकी पीठ थपथपाई।

वहीं इस कार्यक्रम को वूमन डेडीकेशन द्वारा लाईव चलाया गया, जिसमें पत्रिका के संपादक अविनाश फुटेला अपनी टीम सहित उपस्थित रहे। इस मौके पर पवन भार्गव, ललित गिरधर, राजेन्द्र कुमार, डॉ. मधु, डॉ. ममता, मुकेश कुमारी व रामकुमार के अलावा अनेक अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।