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JCD Vidyapeeth’s hostel unique accommodation in itself: Dr. Dhindsa
  • By JCDV
  • May 24, 2023
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JCD Vidyapeeth’s hostel unique accommodation in itself: Dr. Dhindsa

जेसीडी विद्यापीठ के छात्रावास अपने आप में अनोखे आवास : डॉक्टर ढींडसा

Kuldeep Dhindhsaसिरसा 24 मई ,2023: जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ के महानिदेशक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ कुलदीप सिंह ढींडसा ने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ के छात्रावास अपने आप में अनोखे आवास हैं। जहां पर अच्छी आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ , खेल कूद क्रियाओं में आधुनिक जिम जिसमें म्यूजिक सिस्टम की सुविधा के साथ , पाठ्य सहगामी क्रियाओं, स्वच्छता और अनुशासन एवं सामाजिक वातावरण के प्रति जागरूकता तथा नैतिक मूल्यों का पाठ भी पढ़ाया जाता है । जेसीडी विद्यापीठ शैक्षणिक क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाकर हरियाणा पंजाब राजस्थान व अन्य राज्यों में विद्यार्थी समुदाय की पहली पसंद है । डॉ कुलदीप सिंह ढींडसा ने कहा कि यहां के आवासीय स्थान सभी सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ के हॉस्टल में रहने वालें विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित, आरामदायक और सहायक वातावरण प्रदान करवाया गया है ।

छात्रावास में रहने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और सुरक्षित लॉकिंग सिस्टम जैसे पर्याप्त सुरक्षा उपाय करवाए गई हैं । यहां पर सामान्य क्षेत्रों और अलग-अलग कमरों की नियमित सफाई और रखरखाव के साथ छात्रावास साफ और अच्छी तरह से बनाए रखे हैं । आरामदायक नींद सुनिश्चित करने के लिए छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए आरामदायक बिस्तर, तकिए और कंबल उपलब्ध कराए गए हैं । छात्रावास में अध्ययन क्षेत्र विद्यार्थियों के अध्ययन करने के लिए उपलब्ध हैं। आम मनोरंजन क्षेत्र जैसे टीवी रूम, गेमिंग जोन, और खेल सुविधाएं विद्यार्थियों को आराम करने और आराम करने के लिए उपलब्ध हैं । छात्रावास में कपड़े धोने की सुविधा जैसे वाशिंग मशीन की सुविधा भी उपलब्ध है। छात्रावास में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की है । छात्रावास में पोषक एवं संतुलित आहार की व्यवस्था है। छात्रावास में 24 घंटे पानी और बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित है। आपातकालीन स्थिति में छात्रावास में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं और चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुंच की व्यवस्था भी की गई है । डॉ ढींडसा ने कहा वास्तव में शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक ही सीमित नही है. किताबी शिक्षा तो अधूरी शिक्षा ही है. वास्तविक शिक्षा में ज्ञान के साथ-साथ अनुभव होना भी अतिआवश्यक है. विद्यार्थी को जीवन का वास्तविक रूप देखने को मिलना चाहिए जब ऐसी परिस्थति में पड़ेगा, जहां अनुभव की आवश्यकता हो, तभी वह अपनी अर्जित शिक्षा को कार्यरूप में परिणत कर सकेगा.

छात्रावास के जीवन से जो शिक्षा विद्यार्थी सबसे अधिक ग्रहण करता है, वह स्वावलम्बन के साथ अपने पैरों पर खड़ा होना सीखता है। दूसरा लाभ उसे शान्त वातावरण का है। शहर के समस्त कोलाहल से दूर, घर-बार की समस्त चिन्ताओं से मुक्त, विद्यार्थी को पढ़ाई का वास्तविक आनन्द आता है। स्वस्थ वातावरण में उसका मस्तिष्क विकसित होता है। वहां पर अपनी ही आयु के विद्यार्थी मिलते हैं, जिनका मानसिक स्तर लगभग एक-सा होता है । एक साथ भोजन करने से संगठन और सहयोग की भावना जागृत होती है तथा भिन्न प्रकार की विपत्तियों को झेलने की क्षमता आती है। यही नहीं, उसको अपने सभी गुणों-दुर्गुणों का आभास मिलता है। सभी प्रकार के छात्रों के साथ रहने से अच्छे-बुरे का ज्ञान होता है। छात्रावास छात्रों को एक स्वतंत्र जीवन प्रदान करते हैं, ताकि वे अपना समय पढ़ाई, खेल खेलने या आराम करने में व्यतीत कर सकें।