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Lalchand Godara, ​​73-year-old IGNOU candidate making inspiration for youth

इग्रू के 73 वर्षीय परीक्षार्थी लालचंद गोदारा बन रहे हैं युवाओं को प्रेरणास्त्रोत
पढ़ाई के लिए नहीं है कोई आयु सीमा, जरूरत है तो ललक एवं जज्बे की : डॉ.शमीम शर्मा

जेसीडी विद्यापीठ सिरसा में इन्दिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्रू) द्वारा आयोजित करवाई जा रही जुलाई सत्र की परीक्षा में लालचंद गोदारा परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने हैं क्योंकि यह 73 वर्ष से भी अधिक आयु के होने के बावजूद शिक्षा हासिल करने की ललक लिए हुए हैं। यहीं इनको सभी के आकर्षण का केन्द्र बनाए हुए हैं। इस बारे विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करते हुए जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय, सिरसा के कार्यवाहक प्राचार्य एवं इग्रू परीक्षा केन्द्र अधीक्षक डॉ.राजेन्द्र कुमार ने बताया कि शिक्षण महाविद्यालय को इग्रू द्वारा परीक्षा केन्द्र बनाया गया है, जिसमें सिरसा एवं इसके आसपास के इलाकों से लगभग 3000 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसीलिए संस्थान द्वारा हर प्रकार के बंदोबस्त किए गए है तथा परीक्षा देने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को मुख्य गेट से ही उनके परीक्षा केन्द्र की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान कर दी जाती है ताकि उन्हें भीतर भटकना न पड़े। वहीं उन्होंने बताया कि इग्रू एक ऐसा खुला अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है, जिसमें किसी की उम्र की कोई सीमा नहीं है तथा इसमें दाखिला लेने वाले में केवल शिक्षा हासिल करने की ललक होनी जरूरी है, जिसका जीवंत उदाहरण हैं 73 वर्षीय लालचंद गोदारा जैसे लोग जो अपनी उम्र को न देखते हुए परीक्षा देकर युवा विद्यार्थियों को उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने बताया कि लालचंद इग्रू से बीए की परीक्षा दे रहे हैं।

इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ.शमीम शर्मा ने लालचंद गोदारा के इस उम्र में भी शिक्षा हासिल करने के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक है कि किसी कारण से अगर हम अपनी पढ़ाई सुचारू न रख पाए तो भी इग्रू के माध्यम से उसे आगे सुचारू रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए कोई भी आयु सीमा निर्धारित न है इसके लिए तो केवल ललक एवं संघर्ष तथा कुछ कर गुजरने का हौंसला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लालचंद जैसे ही लोग होते हैं जो युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करने का कार्य करते हैं जोकि एक सामाजिक कार्य है। डॉ. शर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति नौकरी में है या फिर किसी कारणवश अपनी पढ़ाई नियमित रूप से नहीं कर सकता उसके लिए इग्रू ने बेहतर विकल्प प्रदान किए हुए है तथा इग्रू समय-समय पर प्रवेश अवधि बढ़ाकर विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने का काम करती है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी शिक्षा पूर्ण करने का मौका मिल सके।

इस मौके पर जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में स्थापित अध्ययन केन्द्र के प्रभारी डॉ.रमेश शर्मा ने बताया कि इग्रू में आवेदन करने के लिए प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में आकर प्रोस्पेक्ट्स प्राप्त कर सकते हैं। वहीं उन्होंने भी लालचंद गोदारा के जज्बे को सलाम करते हुए अन्य को भी इससे सीख लेकर अपनी पढ़ाई को सुचारू करने बारे आह्वान किया।

इस मौके पर लालचंद गोदारा ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि वह युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन रहे हैं। वहीं उन्होंने जेसीडी विद्यापीठ में व्याप्त हरे-भरे वातावरण एवं संस्कारित शिक्षा तथा इग्रू परीक्षा भवन में व्याप्त प्रबंधों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ उत्तरी भारत का एक मात्र ऐसा शिक्षण संस्थान है जो लोगों की पहली पसंद है। उन्होंने यहां उपलब्ध करवाई जा रही अत्याधुनिक सुविधाओं की भी प्रशंसा की।

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