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Langar on the occasion of Makar Shankranti – JCD PG College of Education

जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में ब्रैड-पकौड़ों व चाय का लंगर लगाकर मनाया मकर संक्रांति का पावन पर्व
फिजूलखर्ची से बचकर दान देकर धार्मिक कार्यों में प्रदान करें सहयोग : डॉ. शमीम शर्मा

सिरसा 15 जनवरी, 2020: जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित शिक्षण महाविद्यालय के बी.एड. एवं एम.एड. के विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से मकर संक्रांति के पावन पर्व अवसर पर ब्रेड-पकौड़ा एवं चाय का लंगर लगाकर दान-पुण्य का कार्य किया गया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ. शमीम शर्मा ने शिरकत की। इस मौके पर उनके साथ डॉ. जयप्रकाश, डॉ. राजेश्वर चावला, डॉ. अरिन्दम सरकार, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. राजेन्द्र कुमार, इंजी. आर.एस. बराड़, डॉ. अनुपमा सेतिया, डॉ. दिनेश गुप्ता के अलावा विद्यापीठ के अन्य अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इस मौके पर विद्यार्थियों द्वारा ब्रेड पकौड़ा बनाकर सभी उपस्थितजनों को परोसा गया।

मकर सक्रांति के पावन अवसर की सभी को शुभकामनाएं देते हुए प्रबन्ध निदेशक डॉ. शमीम शर्मा ने कहा कि ने कहा कि प्रत्येक त्योहार की अपनी एक अहमियत है, गरिमा है इसलिए हमें उन्हें मनाने के साथ-साथ उनके पीछे निहित इतिहास को जानना चाहिए तथा उनसे शिक्षा भी हासिल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें कई त्योहारों पर फिजूलखर्ची से बचना चाहिए और गरीबों की उन पैसों से दिल-खोलकर मदद करनी चाहिए ताकि उनका त्योहार भी अच्छा बन सके। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस प्रकार के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के साथ-साथ अपने मुख्य उद्देश्य बेहतर शिक्षा हासिल करने को भी न भूलें और सदैव अच्छा करने का प्रयास करें। वहीं डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों को मकर संक्रांति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शास्त्रों के अनुसार, दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि अर्थात् नकारात्मकता का प्रतीक तथा उत्तरायण को देवताओं का दिन अर्थात् सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है, इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है। ऐसी धारणा है कि इस अवसर पर दिया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है।
इस मौके पर डॉ. जयप्रकाश ने विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों को मकर संक्रांति पर्व की बधाई प्रेषित की तथा बुराइयों को त्यागकर त्यौहारों को प्रेमपूर्वक मनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यार्थी समूह का जोश देखने योग्य था। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसी पाठ्य सहगामी क्रियाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें ताकि उनके आत्मविश्वास की बढ़ोतरी हो सके।