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Lohri and Makkar Sakranti Celebration
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  • January 16, 2017
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Lohri and Makkar Sakranti Celebration

जेसीडी विद्यापीठ में धूमधाम से मनाया गया लोहड़ी एवं मकर संक्रांति का पर्व
गंजे सुंदरिए-मुंदरिए के मधुर गीत, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुत की अपनी प्रतिभा

सिरसा 14 जनवरी, 2017: जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित विभिन्न कॉलेजों द्वारा संयुक्त रूप से लोहड़ी एवं मकर संक्रांति का पर्व का आयोजन किया गया, जिसका आयोजन जेसीडी मैमोरियल कॉलेज के तत्वावधान में किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्यातिथि विद्यापीठ के शैक्षणिक निदेशक डॉ. आर.आर. मलिक द्वारा पावन अग्रि पूजन एवं उसमें तिल व घी की आहुति डालकर किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी मैमोरियल कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 प्रदीप स्नेही द्वारा की गई। इस मौके पर मुख्यातिथि महोदय के साथ जेसीडी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार श्री सुधांशु गुप्ता, जेसीडी फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनय लाठर, जेसीडी इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ. हिमांशु मोंगा, शिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश, जेसीडी बहुतकनीकी के प्राचार्य इंजी. आर.एस. बराड़ एवं अन्य अधिकारीगण, शिक्षकगण व विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बी.एड. व एम.एड. के विद्यार्थियों ने मनमोहक भंगड़ा व गिद्दे की शानदार प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर विवश कर दिया। उधर जेसीडी मैमोरियल कॉलेज तथा अन्य कॉलेजोंं के विद्यार्थियों द्वारा भी गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में समां बांधा गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. प्रदीप स्नेही द्वारा मुख्यातिथि महोदय एवं अन्य का इस कार्यक्रम में पधारने पर अभिन्नदन एवं स्वागत किया गया तथा सभी को लोहड़ी एवं मकर संक्रांति की बधाई प्रेषित की गई। उन्होंने अपने संबोधन में सर्वप्रथम लोहड़ी से जुड़ी अनेक कहानियों एवं कथाओं के बारे में जानकारी प्रदान की तथा इस त्यौहार को मनाएं जाने का भी वर्णन किया।

लोहड़ी एवं मकर सक्रांति के पावन अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए डॉ0 आर.आर. मलिक ने कहा कि लोहड़ी का त्यौहार सम्पूर्ण उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस त्यौहार का सम्बन्ध खेतों की खुशहाली व सम्बन्धों में गर्माहट का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पर्व हमारी संस्कृति के शृंगार हैं, जिनके माध्यम से समाज में आपसी भाईचारा व सहयोग की भावना को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि अग्रि में दी जाने वाली तिल, घी, मूंगफली व रेवड़ी की आहुति का तात्पर्य आपसी ईष्र्या, द्वेष, मनमुटाव व अवगुणों को स्वाहा करने का प्रतीक है। डॉ. मलिक ने कहा कि लोहड़ी का त्यौहार सर्द ऋतु के जाने एवं बसंत ऋतु के आगमन का संकेत भी होता है तथा प्रत्येक त्यौहार हमारे जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आता है इसलिए हमें हमारी संस्कृति से जुड़े प्रत्येक पर्व व त्यौहारों को हर्षोल्लास एवं आपसी भाईचारे से मनाना चाहिए।

इस अवसर पर कार्यक्रम का मंच संचालन प्राध्यापिका जसलीन कौर द्वारा किया गया। वहीं इस पावन मौके पर सभी स्टाफ सदस्यों, छात्र-छात्राओं एवं अन्य को मूंगफली, रेवड़ी व गज्जक इत्यादि बांटे गए तथा धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ नाच-गाकर इस पर्व को मनाया गया। इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यगण, अधिकारीगण, स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थीगणों के अलावा अन्य अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।