Prohibition of Drugs and Illegal Trafficking (11)

Discussion on International Day for Prohibition of Drugs and Illegal Trafficking

जेसीडी विद्यापीठ में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध व अवैध तस्करी दिवस पर परिचर्चा

सिरसा 25 जून,2021: जननायक चौ. देवीलाल विद्यापीठ,सिरसा में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय, सिरसा के सभागार कक्ष में ‘नशा निषेध व अवैध तस्करी बचाव उपाय’ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में मुख्य अतिथि जननायक चौ. देवीलाल विद्यापीठ के प्रबंध निदेशक डॉ.शमीम शर्मा व कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री आर्यन चौधरी डीएसपी, सिरसा एवं कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. तुषार गोयल रहें। इस अवसर पर सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश, डॉ. राजेश्वर चावला, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता, इंजी. आर.एस. बराड़, डॉ. अनुपमा सेतिया, डॉ. शिखा गोयल, श्री मानक चंद समाज सेवी, जेसीडी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार सुधांशु गुप्ता के अलावा अन्य अधिकारीगण व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम के शुभारंभ में जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य व कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जयप्रकाश ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए और अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा ड्रग्स की चपेट में आ रही है। हर साल करीब दो लाख लोगों की मौत नशे के कारण हो रही है। उन्होंने कहा कि आज हर तरफ आकर्षण, भागदौड़ भरी जिंदगी में आगे बढ़ने की होड़ में नशे का सेवन एक भयावह आदत बन रही है, जो सीधे मौत के साथ खत्म होती है।

मुख्य अतिथि डॉ.शमीम शर्मा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि नशाखोरी भारतीय समाज में बड़ी समस्या बन चुकी हैं। अक्सर लोग जीवन के तनाव तथा विफलताओं से पीछा छुड़ाने के लिए नशे की लत का सहारा लेते हैं, जिसका परिणाम एक दिन उन्हें नशे का गुलाम बना देता हैं, ह्रदय की पवित्रता तथा विचारों की शुद्धता के लिए नशा मुक्ति बेहद जरुरी हैं। नशा,तन,मन, धन व समाज का नाश करता है। यह एक तरह का संघर्ष है जो आपकों उस लत के विरुद्ध करता हैं। ड्रग्स के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस का मुख्य एजेंडा जनता में इसके अवैध उत्पादन और उनके सेवन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा इसकी अवैध तस्करी और इससे जुड़े खतरों के बारे में लोगों को अवगत कराना है। सार्थक जीवन जीने के लिए जीवन में कोई न कोई मकसद होना जरूरी है। ईश्वर ने यह मानव शरीर किसी विशेष उद्देश्य से दिया है। अनमोल मानव जीवन को व्यर्थ नशे में बरबाद नहीं करना चाहिए। मानव जन्म हमें लोक कल्याण के द्वारा एकमात्र अपनी आत्मा के विकास के लिए मिला है। इसलिए जीवन के प्रत्येक पल को पूरे उत्साह के साथ जीना चाहिए। उत्साह सबसे बड़ी जीवन शक्ति तथा निराशा सबसे बड़ी कमजोरी है। जीवन के प्रत्येक क्षण खुश रहने का स्वभाव विकसित करें। प्रत्येक मनुष्य को जीवन का मकसद ऐसा चुनना चाहिए जिसमें हम अपने शरीर, मन, मस्तिष्क तथा आत्मा की पूरी शक्ति लगा सके।

कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री आर्यन चौधरी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना गया हैं। नशीले पदार्थों का सेवन करने हम स्वयं के दुशम न बन रहे हैं। यदि इंसान के पास पर्याप्त धन हो तो उसे नशीले पदार्थों के सेवन में व्यर्थ करने की बजाय अपने बच्चों की शिक्षा तथा आर्थिक विकास पर लगाना चाहिए। एक आधुनिक समाज में नशा सबसे घातक बुराई हैं, जो न सिर्फ व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक रूप से ही बदहाल नहीं करते बल्कि परिवार के परिवार बर्बाद कर देती हैं। कोशिश करे उन्हें यह लत छुडाएं तथा एक अच्छे समाज का सदस्य होने के नाते उनके कठिनाई भरे जीवन पर बुरे कमेन्ट करने की बजाय उनका इस बुराई से पीछा छुड़ाने में मदद करे। अपने समाज के लोगों को भी जागरूक बनाए तथा भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस गलत राह को न चूने इसके लिए विशेष रूप से जागरूक रहे। अगर हमें नशे को जड़ से समाप्त करना है तो प्रशासन अकेला कुछ नहीं कर सकता संपूर्ण समाज के सहयोग की आवश्यकता है।

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