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Expert Lecture – JCD Pharmacy College, Sirsa

जेसीडी फार्मेसी कॉलेज में विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन
फार्मास्युटिकल साईंसेज़ क्षेत्र में है अपार संभावनाएं, विद्यार्थी बेहतर तैयारी करें : डॉ.मदान

जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित फार्मेसी कॉलेज में विद्यार्थियों को उनके विषय सम्बन्धी बेहतर जानकारी प्रदान करने के लिए बुधवार को एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के पूर्व प्रोफेसर डॉ.ए.के.मदान द्वारा बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित होकर विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्या डॉ.अनुपमा सेतिया द्वारा की गई। इस अवसर पर उनके साथ डॉ.प्रदीप कंबोज, शिखा रहेजा के अलावा सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अन्य प्राध्यापकगण भी मौजूद रहे। इस विशेषज्ञ व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए वर्तमान समय में कॅरियर की संभावनाएं विषय पर जानकारी प्रदान करना था।

मुख्यातिथि एवं वक्ता का स्वागत करते हुए डॉ.अनुपमा सेतिया ने सभी विद्यार्थियों एवं अन्य से उन्हें परिचित करवाया। उन्होंने कहा कि हम हमारी प्रबंध निदेशक डॉ.शमीम शर्मा एवं प्रबंधन समिति का आभार प्रकट करना चाहेंगे जो कि समय-समय पर ऐसे आयोजन के लिए तैयार रहते हैं तथा पूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को दवाओं के विकास वितरण विषय पर जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि दवा आज की पीढ़ी की आवश्यकता बन गई है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती जा रही है इसीलिए दवाईयों के बनने की प्रक्रिया एवं इसकी गुणवत्ता पर कम्पनियों को विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि इस बेहतर लाभ पहुंच पाए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर संस्थान में विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से रूबरू करवाने के लिए ऐसे आयोजन करवाएं जाते हैं ताकि उन्हें नवीनतम ज्ञान प्राप्त होने के साथ-साथ अपने विषय सम्बन्धी कोई जिज्ञासाएं हो तो वह भी शांत हो सकें।

इस मौके पर मुख्य वक्ता एवं अतिथि के तौर पर अपने वक्तव्य में डॉ.ए.के.मदान ने सर्वप्रथम संस्थान में चारों ओर व्याप्त शांत, अनुशासित एवं बेहतर माहौल की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में दवा कम्पनियों में बेहतर रोजगार के विकल्प हैं, जिसकी जानकारी हासिल करके विद्यार्थी सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दवा की खोज में लगभग 10 से 15 वर्षों का समय लग जाता है तथा इस पर बहुत राशि भी खर्च होती है। डॉ. मदान ने अपने वक्तव्य में दवा के शरीर पर पडऩे वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में भी विद्यार्थियों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि दवा का हमारे शरीर पर सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों प्रकार के प्रभाव हो सकते हैं इसीलिए इनकी गुणवत्ता की जांच अति आवश्यक है। वहीं उन्होंने आने वाले समय में दवाओं को नए तरीकों से खोजने एवं उनमें संशोधन करके उन्हें अधिक लाभदायक बनाने बारे भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि एक दवा निर्माता कम्पनी की डॉक्टर से भी अधिक जिम्मेवारी बनती है इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेवारियों को समझते हुए बेहतर कार्य करना चाहिए ताकि प्रत्येक व्यक्ति दवाओं से लाभ प्राप्त करके रोग से आराम पा सके।

इस मौके पर जेसीडी फार्मेसी कॉलेज के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण के अलावा समस्त विद्यार्थीगण एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। अंत में प्राचार्या द्वारा मुख्यातिथि एवं वक्ता को स्मृति चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया गया।