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Extension lecture by Dr. Asha Ahlawat Kapoor

*जेसीडी विद्यापीठ में डॉ. आशा अहलावत ने दिया मोटिवेशनल व्याख्या*
*जेसीडी विद्यापीठ में मोटिवेशनल व्याख्यान का आयोजन, डॉ. आशा अहलावत रहीं मुख्य वक्ता*
*डॉ. आशा अहलावत ने जेसीडी के विद्यार्थियों को समझाया सफलता का मूल मंत्र*

सिरसा,16 जनवरी 2023, जेसीडी विद्यापीठ के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित विशेष मोटिवेशनल एवं लाइफ एनहैंसमेंट व्याख्यान में जानी-मानी मोटिवेशनल स्पीकर और एक्टिविस्ट डॉक्टर आशा अहलावत कपूर ने विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के समक्ष अपना एक प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया। देहरादून से विशेष रूप से पहुंची जानी मानी मोटिवेशनल स्पीकर, एक्टिविस्ट और शिक्षाविद डॉक्टर आशा अहलावत कपूर ने जीवन के लक्ष्य, फोकस और समय प्रबंधन पर स्लाइड शो के जरिए कई अहम बिंदुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए और विद्यार्थियो को कई अहम बातें समझाई जो उनके जीवन भर काम आएंगी। इस दौरान वरिष्ठ अतिथि के तौर पर डॉ अरविंद कपूर भी उनके साथ पहुंचे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. कुलदीप सिंह ढींडसा ने की, इस दौरान रजिस्ट्रार व सभी कॉलेजों के प्राचार्य गण मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम की संयोजक जेसीडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट की प्राचार्या डॉक्टर हरलीन कौर रहीं।

जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ कुलदीप सिंह ढींडसा ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा युग

ज्ञान का युग है जहां सूचनाएं हर मिनट बदल रही हैं हर मिनट नई रिसर्च सामने आ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों कहा कि हर पल सचेत रहें और कुछ ना कुछ नया सीखते रहें क्योंकि सीखते रहने की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है और बिना ज्ञान अर्जित किए आगे नहीं बढ़ा जा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हमेशा सवाल पूछते रहें। साथ ही प्राध्यापकों को कहा कि अध्यापन का मतलब ही बहाव के विपरीत चलना है क्योंकि जो कुछ चल रहा होता है और जो दिख रहा होता है वह हमेशा सत्य नहीं होता इसलिए प्राध्यापकों को हर चीज का गहराई में जाकर अध्ययन करना चाहिए।

डॉ. आशा ने अपने व्याख्यान में कहा कि किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए फोकस और एकाग्रता बहुत जरूरी है क्योंकि एकाग्रता के बिना हम किसी भी काम में पूरी शक्ति के साथ नहीं जुट पाएंगे। उन्होंने लाइफ स्किल्स के बारे में समझाते हुए कहा कि जीवन जीने की कला कोई रॉकेट साइंस नहीं है लेकिन छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रख कर बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम अगर अपने उच्चतम लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे एकाग्रता से उसकी तरफ बढ़ेंगे तो हम असाध्य प्राप्ति भी कर सकते हैं । उन्होंने गांधीजी व अन्य महान हस्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन हस्तियों की एक कॉमन बात यह रही है कि इन्होंने अपने लक्ष्य को फोकस में रखा और कभी भी किसी चीज के लिए शॉर्टकट नहीं अपनाया। उन्होंने कहा कि मानवीय शरीर एक सबसे खूबसूरत मशीन है लेकिन इससे असंभव कार्य तभी किए जा सकते हैं जब हम अपने विचारों की गुणवत्ता बढ़ाएंगे और अपना लक्ष्य निर्धारित करेंगे। उन्होंने अंत में कहा कि अपने जीवन का मकसद खोजने में समय ज्यादा ना लगाएं और उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जी तोड़ मेहनत करें क्योंकि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।

गौरतलब है कि डॉ आशा अहलावत कपूर एक मोटिवेशनल स्पीकर के साथ-साथ जानी-मानी एक्टिविस्ट और लाइफ स्किल ट्रेनर भी हैं उन्होंने उत्तराखंड में वन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय काम किया है और 5000 से ज्यादा पेड़ पौधे भी लगाए हैं। अपने जीवन काल में अब तक 1200 से ज्यादा व्याख्यान दे चुकी डॉ आशा कपूर आईआईटी, डीआरडीओ, आइटीबीपी अकैडमी, विभिन्न राज्यों के पुलिस ट्रेनिंग केंद्रों समेत विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में अपना व्याख्यान और ट्रेनिंग दे चुकी हैं जिसके लिए उन्हें विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

इस दौरान सभागार में मौजूद सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने वक्ताओं को ध्यान पूर्वक सुना और प्रेरणादाई विचारों की सकारात्मक ऊर्जा को महसूस किया। वहीं कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।

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