Extension Lecture for BBA and MBA Students – JCD IBM College, Sirsa

जेसीडी बिजनेस मैनेजमेंट कॉलेज द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित
भारतीय मूल्य एवं व्यक्तित्व विकास पर आधारित नवीन ज्ञान प्रदान किया गया इस व्याख्यान में

Past Day Expert Lecture was organized at Business Management College, JCD Vidyapeeth, in which Dr. Harbhjan Bansal of Guru Jambheshwar University, Hisar #GJUHISAR presented detailed information while giving his lecture. On this occasion, Dr. R. R. Malik, Educational Director of JCD Vidyapeeth attended especially. At the same time, it was chaired by the college’s Principal Dr. Kuldeep Singh.

जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित बिजनेस मैनेजमेंट कॉलेज में विगत दिवस विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के डॉ.हरभजन बांसल ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ के शैक्षणिक निदेशक डॉ.आर.आर.मलिक विशेष रूप से उपस्थित हुए। वहीं इसकी अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ.कुलदीप सिंह द्वारा की गई।

सर्वप्रथम मुख्य वक्ता एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ.कुलदीप सिंह ने बताया कि जेसीडी विद्यापीठ में समय-समय पर ऐसे आयोजनों को करवाया जाता है ताकि विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर ज्ञान प्रदान करवाया जा सके तथा उनको अपडेट रखा जा सके। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों से विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को हमारे संस्थान में बुलाकर विद्यार्थियों को बौद्धिक स्तर को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है तथा यह इसमें काफी सहायक सिद्ध होते हैं। वहीं इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का भी विकास होता है। डॉ.सिंह ने कहा कि यहां हम भविष्य के प्रबंधक तैयार कर रहे हैं जो न केवल शैक्षणिक ज्ञान में अग्रणी होंगे बल्कि अनुभवनात्मक ज्ञान से भी परिपूर्ण होंगे।

इस विशेषज्ञ व्याख्यान में मुख्य वक्ता के तौर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ.हरभजन बांसल ने संस्थान में व्याप्त हरियाली तथा शांत एवं अनुशासित माहौल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। वहीं उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भले ही पाश्चात्य सभ्यता को अपनाएं परंतु सदा याद रखे कि उनकी पौराणिक भारतीय संस्कृति सबसे बेहतर एवं महान है इसलिए उसे किसी के आगे झूकने न दें। उन्होंने अनेक उदाहरणों के माध्यम से यह साबित भी किया कि वर्तमान के बदले हमारी पौराणिक संस्कृति किस प्रकार महान थी। डॉ.बांसल ने अपने संबोधन में हनुमान जी एवं श्री कृष्ण जी द्वारा समाजहित तथा प्रकृति के लिए किए गए कार्यों का व्याख्यान करते हुए कहा कि आप भी भलाई के रास्ते पर अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों को पढ़कर डिग्रियां हासिल कर लेना नहीं बल्कि यह एक व्यावहारिक ज्ञान है जो इंसान को समाज, परिवार तथा हमारे कर्तव्य के प्रति सचेत करती है तथा जो ज्ञान हमें सभ्य इंसान नहीं बना सकता वह हमारे किसी काम का नहीं है।

इस अवसर पर जेसीडी के शैक्षणिक निदेशक डॉ.आर.आर.मलिक ने कहा कि वर्तमान की युवा पीढ़ी हमारी पौराणिक परंपरा तथा संस्कृति को भूलती जा रही है, जो कि महान है। उन्होंने इस मौके पर शिक्षकों से आह्वान किया कि अपने विद्यार्थियों को नैतिक, सामाजिक एवं मानवतावादी गुणों की शिक्षा प्रदान करें ताकि वो सामाजिक प्राणी बनकर देशहित में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

इस मौके पर डॉ.आर.आर.मलिक एवं डॉ.कुलदीप सिंह ने मुख्य वक्ता को जेसीडी विद्यापीठ की ओर से स्मृति चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया। इस अवसर पर जेसीडी आईबीएम के स्टाफ सदस्य के अलावा बीबीए तथा एमबीए के विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।

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