Hawan Ceremony at JCD PG College of Education, Sirsa

जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय के नए सत्र पर हवन से हुआ शुभारंभ
किसी भी कार्य को हवन-यज्ञ से करने से मिलती है नई ऊर्जा व पवित्रता – डॉ.जयप्रकाश

The new session for B.Ed and B.Ed (Special) Students of Education College established at JCD Vidyapeeth started with Havan-Yajna. Besides the Principal of JCD PG Education College, Dr. Jai Prakash, Principals of other colleges, staff members and newcomer students of all the colleges of the Vidyappeth, also offered sacrifice in Havan.

जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित शिक्षण महाविद्यालय के नवागन्तुक बी.एड. जरनल व बी.एड. स्पैशल के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के नए सत्र का शुभारंभ हवन-यज्ञ के साथ हुआ, जिसमें जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.जयप्रकाश सहित विद्यापीठ के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य, स्टाफ सदस्य एवं नवागन्तुक विद्यार्थियों के अलावा अन्य अतिथियों ने भी हवन में आहुति डाली।

इस मौके पर डॉ.जयप्रकाश ने नए विद्यार्थियों को जेसीडी विद्यापीठ के प्रबंधन समन्वयक एवं शैक्षणिक निदेशक महोदय से परिचित करवाया। उन्होंने अपने संबोधन में हवन की महत्ता को स्पष्ट करते हुए कहा कि हवन-यज्ञ को धार्मिक एवं वैज्ञानिक दोनों कारणों से ही महत्वपूर्ण माना जाता है तथा अगर किसी कार्य की शुरूआत इस पावन कार्य से की जाए तो वह शुभ फलदायी होता है। उन्होंने साईंस के साथ इस हवन-यज्ञ को जोड़ते हुए कहा कि जहां एक ओर हवन से मानसिक शांति प्राप्त होती है वहीं उसका धुंआ सम्पूर्ण वातावरण को स्वच्छ करता है क्योंकि हवन में डाली जाने वाली सामग्री में अनेक ऐसी औषधियां निहित होती है जो वातावरण के लिए अच्छी होती है। उन्होंने कहा कि हमारे कॉलेज में व्याप्त अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, वाई-वाई इंटरनेट सुविधा, स्वच्छ पेयजल सुविधा, ई-लाइब्रेरी, खुले एवं हवादार कक्षा-कक्ष, प्रशिक्षित स्टॉफ सदस्य एवं हरा-भरा प्रांगण आदि सुविधाओं के कारण ही यह विद्यार्थियों की पहली पसंद बन चुका है तथा प्रत्येक विद्यार्थी अन्य कॉलेजों की अपेक्षा हमारे यहां दाखिले लेने में अपनी रूचि दिखाते हैं।

इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के प्रबंधन समन्वयक इंजी.आकाश चावला एवं शैक्षणिक निदेशक डॉ.आर.आर.मलिक ने सभी नए विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपना आशाीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि आपको अच्छा वातावरण मिला है, इसमें अनुशासन में रहते हुए खूब मन लगाकर बेहतर शिक्षा हासिल करें ताकि आपको कामयाबी प्राप्त हो सके। डॉ. मलिक ने कहा कि किसी भी कार्य को अगर हवन-यज्ञ से किया जाता है तो वह शुभ होता है, वहीं हवन में बोला जाने वाला ‘स्वाहा’ शब्द अपने आप में एक समर्पण है, इससे हम अपनी सम्पूर्ण बुराइयों को पवित्र अग्रि में समाहित करते हैं, यह काफी अच्छे कर्म में शामिल है इसीलिए इससे नई ऊर्जा और पवित्रता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता ही हमारा मुख्य ध्येय है तथा हम केवल डिग्री ही नहीं अपितु विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ अन्य प्रशिक्षण भी प्रदान करते है ताकि हमारे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। डॉ.मलिक ने कहा कि हवन-यज्ञ हमारी वैदिक परम्परा है तथा यह हमारी बुद्धि व जीवन को पे्ररणा प्रदान करने का कार्य करते हैं।

इस मौके पर बी.एड. के प्रथम वर्ष के नवागन्तुक सभी विद्यार्थीयों सहित कॉलेज के प्राचार्य डॉ.जयप्रकाश एवं अन्य प्राचार्यों तथा अतिथियों के साथ यज्ञ में आहुति डालकर मंगलमय भविष्य एवं शैक्षिक प्रगति की कामना की।

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