One Day Personality Development Workshop – JCD Education College, Sirsa

जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में एक दिवसीय गू्रमिंग एवं व्यक्तित्व विकास पर कार्यशाला का आयोजन
अपने व्यक्तित्व को ऐसे निखारे की सभी करें आपका अनुसरण : डॉ.शमीम शर्मा

जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित शिक्षण महाविद्यालय के सभागार में दैनिक जागरण गु्रप सिरसा के द्वारा एक दिवसीय गु्रमिंग एवं व्यक्तितव विकास विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ बतौर मुख्यातिथि जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ.शमीम शर्मा द्वारा किया गया। वहीं इसमें मुख्य वक्ता के तौर पर विवेक गौड़ ने शिरकत की। इस मौके पर डॉ.शमीम शर्मा, डॉ.जयप्रकाश, डॉ.राजेन्द्र कुमार व डॉ.कुलदीप सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यशाला में शिक्षण महाविद्यालय व आईबीएम के विद्यार्थियों सहित स्टाफ के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता के तौर पर विवेक गौड ने दैनिक जागरण के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि दैनिक जागरण एक समाचार पत्र ही नहीं आपका मित्र भी है। दैनिक जागरण समुदाय के विभिन्न क्षेत्रों का नेतृत्व करता है वह समाज कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने इस कार्यशाला में व्यक्तित्व विकास से संबंधित और साक्षात्कार संबंधित विभिन्न प्रकार की टिप्स की भी जानकारी दी। व्यक्तित्व क्या होता है युवा भविष्य निर्माण में अपने व्यक्तित्व में कैसे निखार लाएं इससे संबंधित संपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने स्टूडेंट्स को कौशल विकास, बॉडी लैंग्वेज, बायोडाटा लेखन, पर्सनेलिटी डेवलपमेंट, एप्टीट्यूट बिल्डिंग, पर्सनल गू्रमिंग, साक्षात्कार, समूह परिचर्चा आदि का प्रशिक्षण दिया।

इस अवसर पर बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में डॉ.शमीम शर्मा ने कहा कि हर मनुष्य का अपना-अपना व्यक्तित्व है तथा यही मनुष्य की पहचान है। प्रत्येक मनुष्य अपने निराले व्यक्तित्व के कारण पहचाना जाता है, यही उसकी विशेषता है। डॉ.शर्मा ने कहा कि प्रकृति का यह नियम है कि एक मनुष्य की आकृति दूसरे से भिन्न है। आकृति का यह जन्मजात भेद आकृति तक ही सीमित नहीं है उसके स्वभाव, संस्कार और उसकी प्रवृत्तियों में भी वही असमानता रहती है। उन्होंने कहा कि अपने व्यक्तित्व को इतना बेहतर बनाएं कि सभी आपका अनुसरण करें तथा आपको अपना रोल मॉडल मानें।
इस मौके पर डॉ.जयप्रकाश व डॉ.राजेन्द्र कुमार ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद किया और कहा कि व्यक्तित्व विकास के द्वारा अरुचि की अवस्था में फँसा व्यक्ति, उत्साही, प्रसन्न और लक्ष्य की ओर प्रेरित व्यक्ति के रूप में परिवर्तित हो जाता है। व्यक्तित्व विकास की प्रक्रिया में व्यक्ति अपने अनूठेपन को बिना किसी हिचकिचाहट और सीमाओं के बंधन के सांझा करना सीखता है, खुशी मनाना सीखता है और ये सब और अधिक उत्साह और चैतन्य के साथ होता है।

इस मौके पर जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय एवं आईबीएम कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्य, विद्यार्थीगण एवं अन्य अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को कॉलेज की तरफ से स्मृति चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया गया।