Sculptor Harpal Shekhupuria has been honored by Dr Shamim Sharma – JCD Vidyapeeth, Sirsa

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्तिकार हरपाल शेखुपुरिया को जेसीडी पधारने पर डॉ. शमीम शर्मा द्वारा स्मृति चिह्न देकर किया गया सम्मानित
जेसीडी विद्यापीठ में निर्जला एकादशी पर लगाई गई गन्ने के जूस एवं मीठे पानी की छबीलें

जेसीडी विद्यापीठ में जहां संस्कारिक शिक्षा प्रदान की जाती है, वहीं अन्य अनेक गतिविधियों में भी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्य बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहते हैं। इसी प्रकार वीरवार को निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ में प्रशासनिक भवन द्वारा गन्ने के रस की छबील तथा विभिन्न कॉलेजों द्वारा संयुक्त रूप से मीठे पानी की छबील लगाई गई। इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ में गन्ने के जूस की छबील का शुभारंभ जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ. शमीम शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को जूस पिलाकर किया गया। वहीं इस मौके पर उनके साथ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्तिकार हरपाल शेखुपुरिया भी विशेष रूप से विद्यापीठ प्रांगण में पधारे हुए थे, जिन्हें इस अवसर पर प्रबंध निदेशक महोदया डॉ.शमीम शर्मा द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान करके उनका स्वागत किया गया।

इस मौके पर सभी को अपने संबोधन में डॉ शमीम शर्मा ने सभी को निर्जला एकादशी पर शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए विशेष तौर से संस्थान में पधारे सिरसा जिला का नाम रोशन करने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक कार्य करने वाले मूर्तिकार हरपाल शेखुपुरिया का भी हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि निर्जला एकादशी एक पवित्र दिन होता है जिस दिन सभी लोग दान-पुण्य करने के लिए छबील एवं लंगर भण्डारों का आयोजन करवाते हैं। उन्होंने बताया कि जेसीडी विद्यापीठ में इग्रू एवं चौ.देवीलाल विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 2000 से अधिक परीक्षार्थियों हेतु परीक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं इसीलिए संस्थान द्वारा गन्ने के रस एवं मीठे पानी की छबील कैम्पस में लगवाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें सभी स्टाफ सदस्यों द्वारा श्रमदान किया गया जो काबिले तारिफ है। डॉ.शर्मा ने हरपाल शेखुपुरिया के बारे में बताया कि इन्होंने मूर्तिकला में अपने हुनर का लोहा मनवाकर अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय कार्य किए हैं तथा ये दुबई के मींट क्रिएटिव प्रोडकशन में बतौर थीम आर्टिस्ट भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इनके कार्य को देखते हुए इन्हें 2008 में कॉलेज ऑफ ऑटर्स द्वारा वार्षिक कला प्रदर्शनी में सरकार द्वारा प्रथम मूर्तिकार पुरस्कार, 2009 में 3आरडी मूर्तिकला अवार्ड, 2010 में सरकार द्वारा आयोजित वार्षिक कला प्रदर्शनी में मूर्तिकला में प्रथम पुरस्कार तथा वार्षिक कला प्रदर्शनी ललित कला अकादमी चंडीगढ़ में पुरस्कार एवं 2011 में धनराज भगत मूर्तिकला पुरस्कार। 2015-16 में ललित कला अकादमी चंडीगढ़ द्वारा एक वर्ष की छात्रवृति एवं 2015 में हिन्दुस्तान टाइम्स से उत्तर भारत में 30 विजुअल आर्टिस्ट अवार्ड के तहत टॉप 30 में पुरस्कार हासिल कर चुके हैं तथा केवल सिरसा ही नहीं अपितु हरियाणा का नाम भी रोशन कर चुके हैं। वहीं इन्होंने हाल ही में अनिल अंबानी के बेटे की शादी में भी अपनी मूर्तिकला का प्रदर्शन करके खूब वाहवाही लूट चुके हैं।

इस अवसर पर हरपाल शेखुपुरिया ने सर्वप्रथम जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ.शमीम शर्मा एवं समस्त प्रबंधन समिति का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि आज एक पवित्र दिवस पर मुझे जेसीडी विद्यापीठ में पधारने का अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए डॉ. शमीम शर्मा जी का धन्यवाद करते हुए कहा कि कला प्रत्येक इंसान के भीतर होती है परंतु जरूरत है उसे समझने की उभारने की ओर निरंतर प्रयास करके अपनी एक अलग पहचान कायम करने की। उन्होंने अपना इस क्षेत्र में आने का श्रेय अपने बड़े भाई अनिल जांगड़ा जो कि एक अध्यापक है को देते हुए कहा कि कला को व्यापार न बनाकर अपना हुनर बनाए और इसमें गहनता से जुड़कर अपने जिला एवं राष्ट्र का नाम रोशन करने के लिए विद्यार्थी प्रयास करें तो उन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें अनेक ऐसे अवसर प्राप्त हुए जहां पैसे बहुत मिल रहे थे परंतु उन्होंने अपनी कला को बेचने की बजाए उसका सदुपयोग करके हरियाणा एवं भारत की संस्कृति को उजागर करने हेतु किया।

इस अवसर पर डॉ.जयप्रकाश, डॉ.अनुपमा सेतिया, डॉ.राजेन्द्र कुमार, मि.अमरीक सिंह के अलावा प्रशासनिक भवन से सुबेदार राम किशन, महेन्द्र प्रताप सिंह, त्रिभुवन शर्मा, प्रमोद गोयल, दीपक बिश्रोई, संजय वर्मा, राजेन्द्र कुमार, हरीश स्वामी, गुलाब सिंह, कृष्ण कुमार, विकास कुमार, नरेश कुमार, संदीप दत्ता, संजीव कुमार, अमीलाल सहित अनेक माली, सिक्योरिटी गॉर्डस एवं सफाई कर्मचारियों द्वारा भी श्रमदान करके पुण्य कमाया गया।