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students Welcomed Dr. Shamim Sharma, MD JCDV by Bouquet

Farewell Party of B.Ed. and M.Ed. Students – JCD PG College of Education, Sirsa

जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय के बी.एड. एवं एम.एड. के जूनियर्स ने दी अपने सीनियर्स को सांस्कृतिक विदाई पार्टी
सच्ची लगन, मेहनत एवं ईमानदारीपूर्वक किया गया कार्य दिलाता है सफलता : डॉ.शमीम शर्मा

जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित शिक्षण महाविद्यालय में बी.एड. एवं एम.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को उनके जूनियर्स द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर विदाई पार्टी दी गई, जिसमें बतौर मुख्यातिथि जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ.शमीम शर्मा ने शिरकत की। वहीं इस मौके पर उनके साथ डॉ.जयप्रकाश तथा विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य डॉ.कुलदीप सिंह, डॉ.राजेश्वर चावला, डॉ.दिनेश कुमार गुप्ता, इंजी.आर.एस.बराड़, डॉ.अनुपमा सेतिया एवं डॉ.अरिन्दम सरकार के अलावा जेसीडी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार श्री सुधांशु गुप्ता भी उपस्थित रहे। वहीं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार द्वारा की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चरणों में द्वीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें गिद्दा, भंगड़ा, हरियाणवीं, राजस्थानी व वेस्टर्न डांस प्रस्तुत करके दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। टाइटल द्वारा विद्यार्थियों को स्टेज पर आमंत्रित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत बीएड की विद्यार्थियों ने ‘ढ़ोल जगीरों दा’ पर एकल नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने हरियाणवी गीत ‘मेरा ढ़ोल कुएं में लटके सै’ पर दिल को मोहने वाली प्रस्तुति देकर सबका दिल जीता। एम.एड. की छात्रा मोनिका ने हिंदी गीत ‘साड़ी के फल सा मैच किया रे’ पर नृत्य करके खूब वाहवाही लूटी। उधर एम.एड. की छात्रा स्वाति ने ‘पैरा विच झांझरा’ पंजाबी गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।

इस मौके पर डॉ.राजेन्द्र कुमार ने मुख्यातिथि महोदया एवं विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यगण व अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका अभिनंदन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी जीवन में आज के दिन का बड़ा महत्व होता है एवं विद्यार्थी को इस दिन का इंतजार रहता है, वह अपने कॉलेज में व्यतीत किए गए दिनों को याद करके अपनी यादों को तरोताजा करते हैं तथा उन्हें संजोकर संस्थान से ले जाते हैं। डॉ.राजेन्द्र कुमार ने कहा कि मैं स्वामी विवेकानन्द जी के द्वारा कहे गए कुछ शब्दों को कहना चाहता हूँ: एक विचार लो और उस विचार को अपने जीवन का सार बना लो- उसी को सोचो और उसी के स्वप्न देखो। उस विचार से अपने मस्तिष्क, पेशियों, कोशिकाओं, शरीर के हरेक भाग को भरने दो और दूसरे अन्य विचारों को अकेला छोड़ दो। यही सफलता का मूलमंत्र तथा रास्ता है।

बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में डॉ.शमीम शर्मा ने विदा होने वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अपनी शुभकामनाएं प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि जीवन में जो भी कार्य करे, सच्ची लगन, मेहनत, ईमानदारी के साथ करे तो आप कभी असफल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि आप यहां से प्राप्त ज्ञान को आगे भी प्रदान करें ताकि संस्थान के साथ-साथ आपका व शहर का भी नाम रोशन हो सके। उन्होंने कहा कि आगे आने वाली चुनौतियों का डट कर मुकाबला करके बेहतर रास्ता अख्तियार करें। डॉ.शर्मा ने कहा कि मुझे खुशी है कि बीएड के छात्रों ने आत्म अनुशासन का परिचय दिया है। विद्यार्थी जीवन में सफ लता के लिए अनुशासन और परिश्रम का बड़ा महत्व होता है और इन दोनों का परिचय आप सभी विद्यार्थियों ने बड़ी बखूबी से दिया जो आगे चलकर आपके जीवन को सफल बनाने में काफी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने अनेक सफल व्यक्तियों के जीवन की चर्चा करते हुए कहा कि साहसी लोग हार कर भी जीतने का हौंसला दिलाते हैं जिसको पाकर ही उन्हें कामयाबी प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि अगर कोई विद्यार्थी किसी प्रतियोगी परीक्षा मे पहली बार में सफल नहीं हुए तो उन्हें घबराना नहीं चाहिए बल्कि पूर्व की अपेक्षा अधिक मेहनत करके कृत संकल्पित बनने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थी को चाहिए कि शिक्षा और उपाधि लेने के बाद वह समाज उपयोगी कार्य करें, जिससे स्वयं का, उनके माता-पिता व देश का नाम रोशन हो सके। उन्होंने कहा कि मेरी दृष्टि से शिक्षित व्यक्ति वह है जो नैतिक मूल्यों के साथ समाजहित व देशहित के लिए कार्य करें जो एक बेहतर अध्यापक ही कर सकता है क्योंकि अध्यापक के अंदर सहनशीलता, सीखने, सुनने की कला है और वही कला उसकी पहचान बन जाती है। उन्होंने सभी भावी अध्यापकों से अनुरोध किया कि वह अपने जीवन में समाज के लिए समर्पित संस्कारिक कार्य करें और विश्व विजेता बने।

निर्णायक मण्डल की भूमिका अदा करते हुए डॉ.सुषमा हुड्डा और श्रीमती नेहा ने विद्यार्थियों की प्रतिभा के आधार पर बीएड (सामान्य) की छात्राओं में लक्ष्मी को मिस. फेयरवेल, सीमा रानी एवं भव्य को मिस. प्रतिभाशाली तथा छात्रों में अभिषेक को मिस्टर फेयरवेल को चुना गया। इसी तरह बीएड (स्पेशल) की छात्राओं में सुनीता को तथा सुशील को क्रमश: मिस. एवं मिस्टर फेयरवेल चयन किया गया। उधर एम.एड. द्वितीय वर्ष में विनोद कुमार को मि. फेयरवेल चयनित किया गया। इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यगण, विद्यापीठ के रजिस्ट्रार महोदय, शिक्षण महाविद्यालय के शिक्षक एवं गैर शिक्षक सदस्यों सहित समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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